{"product_id":"alchemy-ki-45-shaktiyan-mysterious-vastu-purush","title":"Alchemy Ki 45 Shaktiyan","description":"\u003cp\u003e\u003cmeta charset=\"utf-8\"\u003e\u003cspan data-sheets-root=\"1\"\u003eदेव शब्द का मूल अर्थ है स्वंय में प्रकाशमान। कोई ऐसी शक्ति जो किसी कार्य विशेष को करने में सहायक है, उसे देव कहा जाता है। और विरोधात्मक शक्तियों को असुर कहा गया। असुर का अर्थ जो 'सुर में नहीं', अर्थात् प्रकृति की लयबद्धता में नहीं है।\u003cbr\u003eआपको एक आइडिया आया और अपना या दूसरों का जीवन, सुखी बनाने के लिए आप कुछ करना चाहते हैं। ये रचनात्मक ऊर्जा (क्रिऐटिव फोर्स) है देव तत्व। परन्तु अचानक एक द्वंद्व आया कि ये कैसे हो सकता है ? ये तो ऐसे करके ऐसा नहीं हो सकता। अगर ऐसा हो गया, हमें तो नुकसान हो जाएगा।\u003cbr\u003eवो फील, डर, अज्ञान का तत्व असुर है। यदि इन दो तत्वों को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में थोड़ा ध्यान में रखेंगे तो वास्तु पुरुष मंडल के रहस्य को जान कर आप अपने भवन में विद्यमान उन 45 शक्तियों को समझ सकते हैं जो आपकी भावनाओं, सोच और जीवन के अनुभवों को प्रभावित करती हैं।\u003cbr\u003eअलकेमी की 45 शक्तियाँ में आप जानेंगे कि 45 वैदिक शक्तियों का स्वरूप 16 ऊर्जा के क्षेत्रों के रूप में कैसे विकसित होता है। इनके क्या गुण-धर्म हैं ? कैसे पंचतत्वों व 16 महावास्तु क्षेत्रों द्वारा इन शक्तियों का प्रयोग जीवन में सफलता, समृद्धि, सुख, संपत्ति एवं स्वास्थ्य आकर्षित करने के लिए किया जा सकता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"MahaVastu Remedies","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50572490146081,"sku":"MVRBK010","price":495.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0867\/0658\/5889\/files\/Alchemyki45Shaktiyan1_f7b415ee-f951-4023-a098-a572c46e6c26.jpg?v=1777368266","url":"https:\/\/mahavasturemedies.com\/products\/alchemy-ki-45-shaktiyan-mysterious-vastu-purush","provider":"MahaVastu Remedies","version":"1.0","type":"link"}