





Dhyan - Patanjali Meditation
ध्यान - क्या, क्यों और कैसे?
Tax included. Shipping calculated at checkout
प्रज्ञा का अर्थ और पांच मन मेरे लिए एक नई जानकारी है। अंतर्मन की गांठें खुलीं ... जीवन की अबूझ पहेली का एक ही हल है ध्यान... यह पुस्तक चुंबक की तरह मन को पकड़ती है।
- बेला महाजन, सेलिब्रिटी ज्यूलरी डिजाइनर
मैंने योग सूत्रों पर इंग्लिश व हिंदी की काफी किताबें पढ़ीं, परंतु सभी ने कनफ्यूजन ही पैदा किया... ध्यान पढ़ने से अपने, ध्यान एवं योग सूत्रों के बारे में स्पष्टता गहराती चली गई।
- डॉ. दीपक सचदेवा, मैडिकल योग
अति उत्तम उपहार ... स्वयं से जोड़ने का एक ऐसा आकर्षक सेतु जिसे गृहण करने के लिए दिमाग पर जोर नहीं पड़ता।
- जगत मोहन अग्रवाल, पायोनियर ग्रुप
पजल लगने वाले योग रहस्य, सरल और दिलचस्प ढंग से हल हो गए.... जीवन को रूपांतरित करने वाली खोज।
- डॉ. सीमा, स्पिरचुअल हीलर
ध्यान पढ़ते-पढ़ते ताजगी और आनंद का अनोखा अनुभव आश्चर्यजनक ! मुझे लगा कि यह मेरे लिए ही है।
- अनुपमा बिहानी, इंटीरियर डिज़ाइनर
- EXTRA 5% off on Prepaid Orders.
- Check more offers & available Coupons at Checkout.

