Alchemy Ki 45 Shaktiyan

The Mystic Secret of Excellence

Sale price₹ 495.00
Sold out

Tax included. Shipping calculated at checkout


देव शब्द का मूल अर्थ है स्वंय में प्रकाशमान। कोई ऐसी शक्ति जो किसी कार्य विशेष को करने में सहायक है, उसे देव कहा जाता है। और विरोधात्मक शक्तियों को असुर कहा गया। असुर का अर्थ जो 'सुर में नहीं', अर्थात् प्रकृति की लयबद्धता में नहीं है।
आपको एक आइडिया आया और अपना या दूसरों का जीवन, सुखी बनाने के लिए आप कुछ करना चाहते हैं। ये रचनात्मक ऊर्जा (क्रिऐटिव फोर्स) है देव तत्व। परन्तु अचानक एक द्वंद्व आया कि ये कैसे हो सकता है ? ये तो ऐसे करके ऐसा नहीं हो सकता। अगर ऐसा हो गया, हमें तो नुकसान हो जाएगा।
वो फील, डर, अज्ञान का तत्व असुर है। यदि इन दो तत्वों को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में थोड़ा ध्यान में रखेंगे तो वास्तु पुरुष मंडल के रहस्य को जान कर आप अपने भवन में विद्यमान उन 45 शक्तियों को समझ सकते हैं जो आपकी भावनाओं, सोच और जीवन के अनुभवों को प्रभावित करती हैं।
अलकेमी की 45 शक्तियाँ में आप जानेंगे कि 45 वैदिक शक्तियों का स्वरूप 16 ऊर्जा के क्षेत्रों के रूप में कैसे विकसित होता है। इनके क्या गुण-धर्म हैं ? कैसे पंचतत्वों व 16 महावास्तु क्षेत्रों द्वारा इन शक्तियों का प्रयोग जीवन में सफलता, समृद्धि, सुख, संपत्ति एवं स्वास्थ्य आकर्षित करने के लिए किया जा सकता है।

Offers
  • EXTRA 5% off on Prepaid Orders.
  • Check more offers & available Coupons at Checkout.